रक्तदान, महादान और जीवनदान*

परमार्थ निकेतन में रक्तदान शिविर का आयोजन*

जीते जीते रक्त दान जाते जाते अंगदान*

*स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश। स्वामी शुकदेवानन्द चेरिटेबल हॉस्पिटल, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आज रक्तदान शिविर (ब्लड डोनेशन कैम्प) का आयोजन पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से किया गया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने संदेश में कहा कि चिकित्सा सेवायें “नर सेवा ही नारायण सेवा” की सनातन भावना का जीवंत उदाहरण है। रक्तदान, महादान है, क्योंकि यह सीधे किसी के जीवन को बचाने से जुड़ा है। एक यूनिट रक्त किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति, प्रसूता माता, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे या गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए संजीवनी बन सकता है। हमारी छोटी सी पहल किसी परिवार की आशा, किसी माँ की मुस्कान और किसी बच्चे का भविष्य बन सकती है।

स्वामी जी ने कहा कि जब हम अपना रक्त किसी अज्ञात व्यक्ति के जीवन के लिए समर्पित करते हैं, तब यह त्याग, करुणा और एकात्मता का सर्वाेच्च भाव बन जाता है।

रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और स्वस्थ व्यक्ति के लिए लाभकारी भी है। नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है। अतः यह न केवल दूसरों के लिए उपयोगी है, बल्कि स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी हितकारी है।

आज चिकित्सकों और प्रशिक्षित मेडिकल टीम द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन करते हुये, रक्त दानदाताओं के स्वास्थ्य की जाँच के बाद ही रक्तदान कराया गया। सभी प्रतिभागियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि वे सहज और सुरक्षित अनुभव कर सकें।

परमार्थ निकेतन और वीरा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें वीरा फाउंडेशन से श्री विनोद डोभाल जी, यशवीर सिंह जी मेडिकल टीम से राहुल राठी, करिश्मा चौधरी, अमित, अनुज, शिखा, सूरज विश्वकर्मा और परमार्थ निकेतन की टीम डा विवेक सभरवाल, डा राठी, डा एस पी मिश्रा, प्रेमराज, प्रेम, अरूण ने विशेष योगदान दिया। सभी ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान है कि वे आगे आएँ और समाज के लिए प्रेरणा बनें। आपका एक कदम किसी के जीवन में नई सुबह ला सकता है। यह केवल रक्तदान नहीं, बल्कि जीवनदान का पावन अवसर है। आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि जब भी अवसर मिले, हम मानवता की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे। आपकी एक छोटी सी पहल किसी के लिए संपूर्ण संसार बन सकती है। आइए, सेवा, संवेदना और समर्पण के इस महायज्ञ में सहभागी बनें और रक्तदान कर जीवनदान का पुण्य अर्जित करें।

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