*उत्तराखंड को रेल बजट में 4 हजार 769 करोड़ का हुआ आवंटन*

– रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से पत्रकारों को किया सम्बोधित

– 2014 के बाद रिकॉर्ड 26 गुना अधिक हुआ उत्तराखंड का रेल बजट, उत्तराखंड में कुल 39,491 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम चालू है

– प्रदेश में 2014 से अब तक 106 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए, कुल 54 कवच स्वीकृत किए जा चुके हैं

देहरादून: केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री व इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौ़द्यौगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी देहरादून) में आयोजित वर्चअल प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के पत्रकारों को रेलवे बजट के संदर्भ में संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार रेलवे को रिकॉर्ड 2.93 लाख करोड़ रूपए पूंजीगत व्यय का बजट आवंटन किया गया है। इस आवंटन के लिए श्री वैष्णव ने केंद्रीय वित्त मंत्री का भी आभार जताया है। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बजट आवंटन का लाभ उत्तराखंड को भी मिलेगा।

श्री वैष्णव ने कहा कि 2009 से 2014 तक सिर्फ 187 करोड़ का बजट उत्तराखंड में रेलवे के काम के लिए आवंटित किया गया था। जबकि रेल बजट (2026-27) में उत्तराखंड को रिकॉर्ड (26 गुना अधिक रेल बजट) 4 हजार 769 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।

उत्तराखंड में कुल 39,491 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम चालू है और इस बड़े निवेश में राज्य में ट्रैक बनाना, स्टेशन रीडेवलपमेंट और सुरक्षा बढ़ाना शामिल है। अमृत स्टेशन योजना के तहत उत्तराखंड में कुल 11 स्टेशनों को पूरी तरह से रीडेवलप करने के लिए चयनित किया गया है। स्टेशन के आधुनिकरण के लिए 147 करोड़ का कुल निवेश किया जा रहा है।

बेहतर कनेक्टिविटी, प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के विस्तार के अंतर्गत राज्य में 3 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं चल रही हैं और 1 अमृत भारत एक्सप्रेस की सेवा चालू है।

नेटवर्क विस्तार और 100% विद्युतीकरण के मामले में उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क तेज़ी से बढ़ा है। 2014 से अब तक लगभग 76 km ट्रैक का निर्माण किया जा चुका है। राज्य ने रेलवे में 100% इलेक्ट्रिफिकेशन हासिल कर लिया है जबकि 2014 से अब तक 334 km रेल लाइनों को इलेक्ट्रिफाई किया जा चुका है और 106 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए। रेलवे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब तक कुल 54 कवच स्वीकृत किए जा चुके हैं।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर बहुत तेजी से आगे काम बढ़ रहा है और जल्द ही ये अपने उद्घाटन की ओर बढ़ रही है।

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