दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को मिलेगा नया आधार, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालन की कवायद तेज
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला प्रबंधन समिति की बैठक, विभिन्न संस्थाओं के अभिरुचि प्रस्तावों पर हुआ विस्तृत मंथन
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) के संचालन के संबंध में जिला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों की पात्रता, अनुभव एवं निर्धारित मानकों के आधार पर समीक्षा करते हुए प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी ने डीडीआरसी की कार्यप्रणाली एवं इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास एवं परामर्श, दिव्यांगता का आकलन, सहायक उपकरण, फिजियोथेरेपी एवं आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं, कौशल विकास एवं स्वरोजगार संबंधी मार्गदर्शन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक के दौरान विभिन्न संस्थाओं ने डीडीआरसी के संचालन की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण करते हुए उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी क्षमता, आवश्यक उपकरण, संचालित कार्यक्रमों तथा प्रस्तावित सेवाओं की जानकारी दी। साथ ही अर्जुन पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं लाभों के संबंध में भी प्रस्तुति दी गई।
जिलाधिकारी ने विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों के संबंध में जानकारी लेते हुए संस्थाओं की पात्रता, अनुभव, उपलब्ध संसाधनों एवं प्रस्तावित कार्यों का निर्धारित मानकों के आधार पर परीक्षण किया। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860 तथा दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक मानकों की जानकारी भी ली। समिति द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई किए जाने पर सहमति बनी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, लीड बैंक अधिकारी मनीष मिश्रा, सीएमएस टिहरी डॉ. बृजेश डोभाल, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
