रघुवंशपुरम आश्रम, केशवप्रिया गौशाला, केलावा, जोधपुर में आज का दृश्य अलौकिक, अद्भुत और अत्यंत दिव्य रहा। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, मानस कथा व्यास संत श्री मुरलीधर जी महाराज और असंख्य भक्तों के सान्निध्य में विवाह पंचमी के पावन अवसर पर श्रीराम जी की दिव्य बारात निकली।

डोल–नगाड़ों की गूंज, शंखध्वनि, पुष्पवर्षा, हाथी–घोड़े–रथ–बग्गी की भव्य शोभा, और भक्तों के जयकारों ने सम्पूर्ण वातावरण को राममय बना दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं त्रेतायुग धरती पर उतर आया हो— हृदय में आनंद, हर चेहरे पर भक्ति, और हर दिशा में दिव्यता की झंकार।

श्रीराम जी –सीता जी विवाह का पावन पाणिग्रहण संस्कार अत्यंत भक्तिभाव, मर्यादा और प्रेम के साथ सम्पन्न हुआ। स्वामी जी ने कहा कि यह दिव्य संगम केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन मर्यादा, समरसता और संस्कारों का उत्सव है।

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